हिल्टौप में महीनों से खडी़ सीसीटीवी कैमरा से लैश बोलेरो से घबरा रहे वाहन चालक।
SHAILESH SINGH :- ओडिशा सरकार की विनियमित बाजार समिति (आरएमसी) द्वारा झारखण्ड-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र हिल्टौप, किरीबुरु स्थित सीआईएसएफ कार्यालय के समीप मुख्य सड़क मार्ग पर सीसीटीवी कैमरा से लैश एक बोलेरो वाहन को बीते लगभग एक माह से लगा रखा है। इस वाहन में लगे कैमरा हर आने-जाने वाले वाहनों की रिकार्डिंग दिन-रात कर रही है। इस वाहन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रायः लोग यह समझ रहे हैं कि यह वाहन ओडिशा पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण एवं बिना हेलमेट, ट्रीपल राइडिंग, बिना सीट बेल्ट के साथ चलने वाले लोगों पर नजर रख रही है जिसके खिलाफ बाद में फाईन किया जायेगा। इसको लेकर वाहन चालकों में अलग प्रकार का भय है।

ओडि़शा सरकार की विनियमित बाजार समिति द्वारा लगाया गया है यह वाहन। वाहन को खडा़ करने का यह है मकसद।
सीसीटीवी कैमरा से लैश उक्त वाहन ओडिशा सरकार की Regulated market committee (आरएमसी) अर्थात विनियमित बाजार समिति द्वारा लगाया गया है। इस कैमरा को लगाने का मुख्य उद्देश्य झारखण्ड से ओडिशा में होने वाली धान आदि खाद्यान्नों की कालाबाजारी रोकना है। अर्थात ओडिशा सरकार अपने राज्य के किसानों को धान की खरीद पर झारखण्ड सरकार की तुलना में अधिक पैसा दे रही है। ऐसी स्थिति में कई बडे़ माफिया झारखण्ड से धान की खरीद व परिवहन कर ओडिशा भेज रहे हैं ताकि उसे सरकार को बेच अधिक मुनाफा कमा सके। इसी कालाबाजारी को रोकने हेतु झारखण्ड-ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई स्थानों पर कैमरे से निगरानी की जा रही है।

विनियमित बाजार समिति का काम है:
गरीब किसानों की कृषि उपज की खरीद-बिक्री को नियंत्रित करना।
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना।
बिचौलियों के शोषण से बचाना।
विनियमित बाज़ार समिति के कुछ और काम:
बाजार यार्ड का रखरखाव, प्रबंधन, नियंत्रण, और विनियमन।
बाजार में लेन-देन का नियंत्रण और विनियमन।
विवादों के मामलों में मध्यस्थ, पंच, या सर्वेक्षक के तौर पर काम करना।
वैध लाइसेंस के बिना कारोबार करने वालों के माल का बाजारीकरण, अभियोजन, और जब्ती।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार मुकदमे, कार्रवाई में अभियोजन, बचाव, या सहायता करना।