Shailesh singh:- किरीबुरु-मेघाहातुबुरु व सारंडा क्षेत्र में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुआ। गणतंत्र दिवस के अवसर पर किरीबुरु के सीजीएम कमलेश राय ने पीसीएस मैदान में तथा मेघाहातुबुरु के सीजीएम आर पी सेलबम ने मेघाहातुबुरु मैदान में ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी।
अपने संबोधन में सीजीएम कमलेश राय ने किरीबुरू के सभी नगरवासी, खदान के विभाग प्रमुख, अधिकारीगण, नारी शक्ति, हमारे समर्पित कर्मचारी, सरकारी संस्थाओं के अधिकारी और कर्मचारी, सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान, पुलिस बल के जवान, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि, परिधीय गांव के नागरिक, पी.सी.एस के छात्र-छात्राएं व अध्यापकगण, और इस प्रांगण में उपस्थित सभी सम्मानित व्यक्ति को 76वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी
उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर, हमारे देश के तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व हैं। ये पर्व जाति, धर्म, और वर्ग से ऊपर उठकर हर भारतीय के लिए समान महत्व रखते हैं। आज का यह दिन हमें हमारे संविधान की याद दिलाता है, जिसने भारत को एक मजबूत लोकतंत्र बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। इस अवसर पर हम सभी उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनके बलिदानों के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। साथ ही, अपने वीर सैनिकों को नमन करते हैं, जो हमारे देश की रक्षा में दिन-रात तत्पर रहते हैं।
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने न केवल आजादी का सपना देखा था, बल्कि एक सशक्त भारत का भी स्वप्न संजोया था। हमें गर्व है कि सेल (भारतीय इस्पात प्राधिकरण) इस सपने को साकार करने में एक मजबूत स्तंभ के रूप में कार्य कर रहा है। हमारी किरीबुरू खदान ने इस दिशा में उत्कृष्ट योगदान दिया है। हर वर्ष की तरह, इस वर्ष भी किरीबुरू खदान ने अपने प्रदर्शन से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
वर्ष 2024 की उपलब्धियां:
हमने 36.15 लाख टन उत्पादन किया और 37 लाख टन डिस्पैच का लक्ष्य प्राप्त किया।
दिसंबर 2024 में, खदान के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ डिस्पैच 4,24,652 टन और फाइन्स डिस्पैच 3,64,848 टन दर्ज किया गया।
अंडरलोड को नियंत्रित कर ₹3.69 करोड़ और डैमरेज डिटेंशन में ₹58.90 लाख की बचत की।
सुरक्षा और गुणवत्ता में कीर्तिमान:
62वें खान सुरक्षा सप्ताह समारोह में किरीबुरू खदान ने 15 पुरस्कार हासिल किए।
खदान को OHSAS (ISO-45001), QMS (ISO-9001), EMS (ISO-14001) एवं ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली (ISO-50001) प्रमाणित किया गया है।
वर्ष 2024 में खदान में कोई दुर्घटना नहीं हुई, जो हमारी सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमुख सुधार और विकास:
अप्रैल 2024 में NIT राउरकेला ने खनन बेंचों और डंप ढलानों की स्थिरता का अध्ययन किया।
मुख्य सड़क पर W-Beam क्रैश बैरियर लगाकर सुरक्षा बढ़ाई गई।
कर्मचारियों के 135 क्वार्टरों पर पीपीजीएल सीट लगाने का कार्य पूरा हुआ। शेष क्वार्टरों में यह कार्य प्रगति पर है।
टूटे सड़कों की मरम्मत और पाइपलाइन के प्रतिस्थापन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
माइंस कैंटीन और टाउनशिप में सुविधा विस्तार किया गया।
निगमित सामाजिक दायित्व (CSR):
स्वच्छता अभियान के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
महिला हॉकी चैंपियनशिप “उड़ान” का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के विभिन्न प्रखंडों ने भाग लिया।
प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल के छात्रों ने फुटबॉल चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
पर्यावरण संरक्षण के तहत खदान स्थलों पर 6.5 हेक्टेयर वृक्षारोपण किया गया।
टाउनशिप के लिए तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन हैं।
प्रशिक्षण एवं सशक्तिकरण:
अप्रेंटिसशिप योजना के अंतर्गत 41 पदों पर प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
कर्मचारियों और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आगे की योजना:
हमारा लक्ष्य 2025 में और अधिक उत्पादन, गुणवत्ता, और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मैं आप सभी से आह्वान करता हूं कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना संपूर्ण योगदान दें।
राष्ट्रीय कर्तव्य और संकल्प:
आज के इस अवसर पर हम सभी संविधान का पालन करने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और देश की प्रगति में योगदान देने का संकल्प लें। हमारे प्रयासों से न केवल हमारा किरीबुरू, बल्कि पूरा भारत प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
आप सभी के सहयोग और मेहनत के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। हमें आशा है कि भविष्य में भी इसी तरह आपका समर्थन मिलेगा। आइए, हम सब मिलकर अपने राष्ट्र को और मजबूत बनाएं।