नोवामुण्डी की एकमात्र शाखा में सेवा बाधित, दूर-दराज से आ रहे लोग हो रहे निराश
रिपोर्ट: शैलेश सिंह/संदीप गुप्ता
बैंक ऑफ इंडिया की नोवामुण्डी शाखा स्थित आधार सेंटर में तकनीकी कारणों से आधार से जुड़ी सभी सेवाएं आगामी 3-4 दिनों तक बंद रहेंगी। इसकी सूचना शाखा परिसर में एक नोटिस के माध्यम से दी गई है। इस अस्थायी अवरोध से सैकड़ों ग्रामीणों व बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों के नामांकन से लेकर पेंशन तक प्रभावित
इस समय बच्चों के आधार नामांकन, राशन कार्ड में आधार लिंकिंग, वृद्धा और विधवा पेंशन की प्रक्रिया, मोबाइल नंबर अपडेट करने जैसे कार्यों को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कई लोग 30 से 40 किलोमीटर दूर के गांवों से आकर निराश होकर लौट रहे हैं।
दैनिक 50 टोकन की सीमा, ऑनलाइन टोकनधारी को ही मिलती है सेवा
इस आधार सेंटर पर प्रतिदिन केवल 50 लोगों को ही टोकन दिया जाता है। टोकन वितरण सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक होता है। यहां खास बात यह है कि केवल ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने वाले लोगों को ही सेवा मिलती है। जिन्हें ऑनलाइन टोकन नहीं मिल पाता, उन्हें वापस लौटना पड़ता है।
नोवामुण्डी क्षेत्र में दूसरा कोई आधार सेंटर नहीं
इस क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया शाखा स्थित यह एकमात्र आधार सेंटर है। इसके अलावा दूसरा कोई सेंटर नहीं होने से ग्रामीणों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बच्चों की स्कूल एडमिशन प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण लोगों की चिंता और भी बढ़ गई है।
यूजर आईडी ब्लॉक होने से बंद पड़ी सेवा
इस विषय में जब बैंक ऑफ इंडिया, नोवामुण्डी शाखा के प्रबंधक आनंद बिरुवा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि—
“आधार सेंटर में कार्यरत ऑपरेटर का यूजर आईडी ब्लॉक हो गया है, जिस कारण वह किसी भी आधार संबंधित समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। ऑपरेटर ने अपने सर्विस प्रोवाइडर को यूजर आईडी को पुनः सक्रिय करने हेतु आवेदन दिया है। जैसे ही यह समस्या हल होगी, कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया जाएगा।”
लोगों की मांग – वैकल्पिक व्यवस्था हो
स्थानीय ग्रामीणों और सेवा लेने आए लोगों की मांग है कि जब तक यह सेंटर चालू नहीं होता, तब तक अस्थायी रूप से ही सही, कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों। साथ ही, क्षेत्र में एक और आधार सेंटर खोलने की भी मांग उठने लगी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
सरकारी योजनाओं की समय-सीमा भी बन रही परेशानी का कारण
ग्रामीणों का कहना है कि कई योजनाओं की समय-सीमा तय है, और आधार अपडेट या पंजीकरण नहीं हो पाने से वे योजनाओं से वंचित हो सकते हैं। जैसे – पेंशन के लिए आधार अनिवार्य है, और अगर समय पर अपडेट नहीं हुआ तो पैसा नहीं मिलेगा।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आधार जैसी जरूरी सुविधा के बाधित होने की जानकारी प्रशासन को होते हुए भी अब तक कोई वैकल्पिक उपाय नहीं किए गए हैं।
निष्कर्ष
आधार कार्ड आज हर सरकारी व निजी सेवा का आधार बन चुका है। ऐसे में अगर आधार सेंटर 3-4 दिनों तक बंद रहता है तो आम लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन और संबंधित बैंक को चाहिए कि इस समस्या का शीघ्र समाधान करें और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएं।