रिपोर्ट: शैलेश सिंह
घटना का मामला जेटेया थाना क्षेत्र से जुड़ा
जेटेया थाना कांड संख्या-08/2020, दिनांक 11.10.2020 को पंजीकृत हुआ था, जिसमें करंजिया गांव निवासी अभियुक्त सुकम लागुरी, पिता स्व. लक्ष्मण लागुरी, पर नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का संगीन आरोप लगाया गया था।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में धारा 376 (ए)(बी) / 506 भा.दं.वि. तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 04/06 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच प्रारंभ की।
वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रह
चाईबासा पुलिस द्वारा पूरे मामले की गहन जांच की गई। अभियुक्त सुकम लागुरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके साथ ही सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संग्रह किया गया, ताकि न्यायालय में ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकें।
अदालत में समर्पित हुआ आरोप पत्र
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में आरोप पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय में समर्पित किया गया। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया प्रारंभ हुई और विचारण की गति को तेज किया गया।
पॉक्सो अदालत का फैसला: 20 साल सश्रम कारावास
दिनांक 24.03.2025 को पॉक्सो केस संख्या-57/2020 की सुनवाई करते हुए माननीय अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीयं, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने आरोपी सुकम लागुरी को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 06 के अंतर्गत 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
अदालत ने सजा के साथ-साथ आरोपी पर 25,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
कानून व्यवस्था की जीत: पुलिस और न्यायपालिका की सराहना
इस फैसले को कानून व्यवस्था की बड़ी जीत माना जा रहा है। चाईबासा पुलिस की तत्परता और न्यायपालिका की संवेदनशीलता ने यह सुनिश्चित किया कि पीड़िता को न्याय मिले और दोषी को सख्त सजा दी जाए।
अगर आप चाहें तो मैं इसमें पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और पुलिस की भूमिका पर आधारित एक इंसानी एंगल भी जोड़ सकता हूँ।