सरायकेला:- राजनगर प्रखंड अंतर्गत आरहासा गांव के ग्रामीणों ने रुंगटा माइन्स लिमिटेड चालियामा पर खरकाई नदी के जल को प्रदूषित करने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से मुलाकात की। उपायुक्त ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के भीतर जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों का उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन
ग्राम प्रधान अजय मुर्मू के नेतृत्व में गांव के मुखिया, उप मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, माझी बाबा तथा जल सहिया समेत दर्जनों महिला-पुरुष गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखीं और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन का आरोप
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि स्वच्छ जल तक पहुंच हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और किसी भी उद्योग को जल स्रोत प्रदूषित करने की अनुमति देना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।
उन्होंने भारतीय नई संहिता 2023 का हवाला देते हुए कहा कि किसी जल स्रोत को प्रदूषित करने पर 6 माह की कारावास और ₹5000 का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रुंगटा माइन्स से निकलने वाले ठोस और तरल अपशिष्ट पदार्थों के कारण खरकाई नदी का जल विषाक्त हो रहा है, जिससे जल संसाधनों की गुणवत्ता पर खतरा मंडरा रहा है।
ताजा पानी बचाने की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि ताजा पानी एक सीमित संसाधन है, जो मानव अस्तित्व, कृषि, वन्यजीवन और मत्स्य पालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
इन लोगों ने जताई आपत्ति
इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य धनी हेंब्रम, पटका पंचायत उप मुखिया शुक्रमनी तियू, वार्ड सदस्य शकुंतला पूर्ति, अजय मुर्मू, श्रीराम तियू, उदय जारिका, चक्र जारिका, सोनिया जारिका, लखन जारिका, कोरिया हेंब्रम, लक्ष्मी जारिका, पूनम हेंब्रम, चारबी जारिका, जोटेया जारिका, गाने पाडेया, पलटन जारिका समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।