रिपोर्ट: शैलेश सिंह
राजधानी रांची मंगलवार को एक सनसनीखेज वारदात का गवाह बनी, जब मुख्यमंत्री आवास से चंद कदमों की दूरी पर अपराधियों ने भाजपा रांची ग्रामीण के जिला महामंत्री और पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल महतो उर्फ ‘टाइगर’ की गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने न केवल रांची की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल
मुख्यमंत्री आवास के पास बेखौफ अपराधियों का हमला, कौन दे रहा है संरक्षण?
राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इस प्रकार की निर्मम हत्या से यह सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या अपराधियों को अब शासन और कानून का कोई डर नहीं रह गया है? हाल के महीनों में लगातार हो रही हत्याओं, लूट और अन्य संगीन वारदातों ने सरकार की अपराध नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक हत्या या गिरती व्यवस्था का नमूना?
भाजपा नेता की हत्या ने गहराई राजनीतिक और सामाजिक चिंता
अनिल महतो की हत्या कोई अकेली घटना नहीं है। यह घटनाओं की उस लंबी श्रृंखला का हिस्सा है, जहां राजनीतिक नेता, व्यापारी और आम नागरिक अपराधियों के निशाने पर हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह हत्या महज एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर सीधा हमला है।
घटना के बाद शोक और आक्रोश की लहर
भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिल जताया दुख
रिम्स अस्पताल पहुंचकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने अनिल महतो के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी और शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अर्जुन मुंडा ने कहा, “यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि राज्य की लचर कानून-व्यवस्था की बड़ी नाकामी है।”
रांची बंद का ऐलान, जनता में उबाल
भाजपा ने 27 मार्च को बुलाया रांची बंद, सामाजिक संगठनों का समर्थन
भाजपा ने इस नृशंस हत्या के विरोध में 27 मार्च को रांची बंद का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह बंद आम जनमानस के आक्रोश को स्वर देने का माध्यम है। कई सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संघों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है।
हेमंत सरकार पर विपक्ष का हमला
‘सरकार अपराधियों के आगे नतमस्तक’, भाजपा ने की सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा नेताओं ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
क्या कोई सुरक्षित नहीं रह गया है?
राजधानी में भी सुरक्षित नहीं जन प्रतिनिधि, आम नागरिक कैसे महफूज रहेंगे?
यह घटना यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि जब राजधानी में, वह भी मुख्यमंत्री आवास के करीब कोई सुरक्षित नहीं है, तो राज्य के अन्य हिस्सों की स्थिति क्या होगी? आम जनता में डर और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
अब सरकार को देनी होगी जवाबदेही
कब रुकेगा हत्याओं का सिलसिला?
अनिल महतो की हत्या ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। यह वक्त है जब राज्य सरकार को सिर्फ बयान देने से आगे बढ़कर ठोस और निर्णायक कार्रवाई करनी होगी। नहीं तो जनता का विश्वास प्रशासन से पूरी तरह उठ जाएगा।
न्याय की मांग में सड़कों पर उतरने की तैयारी
राजनीतिक दलों के साथ आम जनता भी मांग रही है सुरक्षा और जवाबदेही
सिर्फ भाजपा ही नहीं, आम नागरिक भी अब राज्य में हो रही लगातार हत्याओं और अपराधिक घटनाओं से परेशान हैं। लोगों की मांग है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कठोर सजा दी जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सवाल बहुत हैं, जवाब कौन देगा?
क्या यह हत्या कानून का मखौल नहीं? क्या सरकार सोती रहेगी?
अब यह देखने की बात होगी कि राज्य सरकार इस दुस्साहसिक हत्याकांड पर क्या रुख अपनाती है। क्या दोषियों पर जल्द कार्रवाई होगी? क्या जनता को सुरक्षा का भरोसा दोबारा मिलेगा? फिलहाल राज्यभर में सिर्फ एक ही मांग है—”न्याय दो, सुरक्षा दो!”