सामूहिक गान से गूंजा ‘वंदे उत्कल जननी’
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
गुआ स्थित जगन्नाथ मंदिर में ओड़िया संस्कृति से जुड़े लोगों ने हर्षोल्लास के साथ ओड़िया (उत्कल) दिवस मनाया। इस अवसर पर ‘वंदे उत्कल जननी’ गीत का सामूहिक गान किया गया, जिससे माहौल देशभक्ति और संस्कृति प्रेम से भर गया।
ओड़िया भाषा और संस्कृति के विकास पर जोर
मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानिधि दलई ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओड़िया भाषा और संस्कृति के संरक्षण और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज की पहचान होती है और हमें इसे सहेजकर रखना चाहिए।
महापुरुषों के योगदान को किया याद
संस्कृति प्रेमी अविनाश प्रधान ने ओडिशा को स्वतंत्र राज्य का दर्जा दिलाने में पंडित गोपबंधु दास, उत्कल गौरव मधुसूदन दास, फकीरमोहन सेनापति समेत अन्य महापुरुषों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों की वजह से आज ओडिशा अपनी अलग पहचान रखता है।
बाल कलाकार ने भक्ति गीत से बांधा समा
कार्यक्रम के दौरान बाल कलाकार कुमार आशुतोष ने भगवान जगन्नाथ की स्तुति में भजन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
महाभोग का वितरण और शिव मंदिर स्थापना की घोषणा
इस अवसर पर महाभोग का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पुजारी जितेंद्र पंडा ने जानकारी दी कि गुआ स्थित जगन्नाथ मंदिर की 12वीं वर्षगांठ 3 मार्च से 5 मार्च तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मनाई जाएगी। इसके अलावा नवनिर्मित शिव मंदिर का दधी नवती स्थापना कार्यक्रम भी शीघ्र आयोजित किया जाएगा।
उपस्थित गणमान्यजन
इस कार्यक्रम में दिब्यरंजन सेनापति, सुभाष पृस्टि, दिब्यसिंग पंडा, गगन बेहरा, सुमित साहू, रमेश चैटर्जी, संतोष बेहरा, अरुण वर्मा, मनोज गोप, अमिय, प्रदीप सामल, अरविंद साहू और सुपित हाजरा समेत कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।