KIRIBURU (SHAILESH SINGH): कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर ओडि़या समाज के लोगों ने बोइता बंदना समारोह समिति, किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के तत्वाधान में वोइता (नाव) बंदना समारोह का भव्य आयोजन किया. यह कार्यक्रम लोकेश्वरनाथ धाम मंदिर प्रांगण में 14 नवम्बर की रात आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर सीजीएम कमलेश राय ने किया. इस दौरान ओडिशा के कटक से आये कृष्णा मेलोडी ग्रुप के कलाकारों ने भजन एवं भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया. इस सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम में ओडि़या समाज व शहर के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुये. रात में प्रसाद वितरण व भोग का आयोजन किया गया.
बोइता बंदना मनाने का यह है उद्देश्य।
15 नवम्बर को सुबह लगभग 5:30 बजे ओडि़या समाज के लोगों ने सामूहिक रुप से बोइता बंदना की एवं मंदिर तालाब में नाव छोडा़. तत्पश्चात खिचड़ी वितरण किया गया. इस दौरान समाज के लोगों ने बताया की बोइता वंदना हमारी संस्कृति व पौराणिक परम्परा है. ओडिशा पहले कलिंग, उत्कल आदि नामों से जाना जाता था. उस समय उत्कल भारत का एक समृद्ध प्रदेश था. इसके निवासी व्यापार करने के लिए बोइन (छोटा जहाज) या बड़ा नाव में समान लेकर कार्तिक पूर्णिमा को समुद्र मार्ग से निकलते थे. क्योंकि बारिश और तुफान का डर कार्तिक महीना के बाद नहीं रहता है. उन्हें साधब कहा जाता था. वे लोग सुदूर बालिद्वीप, जाभा, सुमात्रा आदि देशों में व्यापार करने जाते थे और आने के समय मुल्यवान रत्न आदि लेकर आते थे. उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुये ओडिया समाज के लोग हमारे देश तथा विश्व का कल्याण तथा लोगों की सुख-समृद्धि की कामना करके बोइत की पूजा करते हैं.
इस दौरान कमिटी के अध्यक्ष सह महाप्रबंधक ए के पटनायक, मार्गदर्शक सह सीजीएम धीरेन्द्र मिश्रा, महाप्रबंधक एस आर स्वांय, के पी बेहरा, हिरण्य महाराणा, मनोरंजन राणा, हिरण्यमय साहू, राजीव महंता, दीपक नाथ, झुल्लू बेहुरा, अनील दास आदि दर्जनों शामिल थे.