सुरक्षा बलों पर फिर से नक्सली हमला
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा जंगल के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मारंगपोंगा इलाके में 22 मार्च की दोपहर लगभग ढाई बजे एक आईईडी विस्फोट की घटना सामने आई है। इस नक्सली हमले में सीआरपीएफ की अज्ञात बटालियन के दो जवान घायल हो गए हैं। घायलों में एक सब इंस्पेक्टर और एक अन्य जवान शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक जवान की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पुलिस की ओर से अभी तक पुष्टि नहीं
हालांकि यह घटना स्थानीय ग्रामीणों और अन्य सूत्रों से प्राप्त हुई जानकारी पर आधारित है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ना ही अभी तक कोई प्रेस विज्ञप्ति या बयान जारी किया गया है।
घायल जवानों को रेस्क्यू कर लाया गया छोटानागरा
ग्रामीण सूत्रों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद छोटानागरा थाना से दो एम्बुलेंस और कुछ बोलेरो वाहनों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया था। इन वाहनों के जरिए घायल जवानों को निकालकर छोटानागरा थाना लाया गया। यहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची भेजने की तैयारी की जा रही है।
हेलिकॉप्टर का इंतजार जारी
घायलों को हवाई मार्ग से रांची ले जाने के लिए छोटानागरा में हेलिकॉप्टर का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से घायल जवान को जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
सुरक्षा घेरे में जकड़ा सारंडा का नक्सली बेल्ट
सारंडा का यह इलाका लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए गए अभियानों के कारण नक्सली संगठन अब सिमटते जा रहे हैं। अब वे अपने बचाव के लिए सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों के चारों ओर सैकड़ों की संख्या में आईईडी लगाकर सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं।
नक्सली खात्मे के अंतिम दौर में, फिर भी सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सारंडा के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी अब अंतिम चरण में है, लेकिन यह खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। इस घटना से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि सुरक्षाबलों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि नक्सली अब भी छिपकर हमला करने की ताक में हैं।
सारंडा क्षेत्र में संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान जारी, IED विस्फोट में CRPF के दो जवान घायल- एसपी
प्रतिबंधित भा.क.पा. (माओवादी) संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा अपने दस्ता सदस्यों के साथ सारंडा/कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधियों के उद्देश्य से सक्रिय हैं। इस खतरे को देखते हुए चाईबासा पुलिस, कोबरा 203 व 209 बटालियन, झारखंड जगुआर तथा सीआरपीएफ की 26, 60, 134, 174, 193 और 197 बटालियन की संयुक्त टीम द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
विश्वसनीय सूचना के आधार पर 04 मार्च 2025 से छोटानागरा एवं जराईकेला थाना क्षेत्र के सीमावर्ती जंगल व पहाड़ी इलाकों में विशेष संयुक्त अभियान की शुरुआत की गई है।
इसी अभियान के दौरान दिनांक 22 मार्च 2025 को दोपहर लगभग 02:30 से 02:45 बजे के बीच छोटानागरा थाना अंतर्गत वनग्राम मरांगपोंगा के निकट जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए पूर्व में लगाए गए IED विस्फोट किया गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से सीआरपीएफ 193 बटालियन के एसआई/जीडी सुनील कुमार मंडल एवं एचसी/जीडी पार्थ प्रतिम डे घायल हो गए। दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
पुलिस बल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय एवं सीआरपीएफ झारखंड सेक्टर के सहयोग से हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्राथमिक उपचार उपरांत दोनों घायलों को बेहतर इलाज हेतु रांची भेजा गया है।
नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल नक्सली समस्या के जीवित रहने का संकेत देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सुरक्षा बलों को आधुनिक उपकरणों और रणनीतियों के साथ इन चुनौतियों का सामना करना होगा। घायलों की सलामती की दुआ के साथ, क्षेत्र में शांति बहाल करने की जरूरत और भी बढ़ गई है।