जिला समाहरणालय में आयोजित हुई अनुमोदन समिति की बैठक
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में मिशन वात्सल्य, बाल संरक्षण योजना अंतर्गत स्पॉन्सरशिप/फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
103 बच्चों को मिली स्वीकृति
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत जोखिमग्रस्त, एकल परिवार के बच्चे, अनाथ एवं कठिन परिस्थिति में रहने वाले पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक ₹4000 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस सहायता से बच्चों के भरण-पोषण के साथ-साथ उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतें पूरी की जाती हैं। बैठक के दौरान समिति के समक्ष प्रस्तुत 103 बच्चों की व्यक्तिगत संचिका की समीक्षा के बाद उन्हें योजना का लाभ देने हेतु अनुमोदित किया गया।
अब तक 116 बच्चों को मिला लाभ
बैठक में यह भी बताया गया कि जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित इस योजना के तहत पहले से ही 116 बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है। इनमें 106 बच्चे स्पॉन्सरशिप योजना के तहत तथा 10 बच्चे फोस्टर केयर (परिवार आधारित देखभाल) योजना के तहत लाभान्वित हुए हैं।
बचपन को सुरक्षित बनाने की पहल
बैठक उपरांत उपायुक्त ने कहा कि ऐसे बच्चे, जिनके परिवार की वार्षिक सकल आय ₹75,000 से कम है, उनकी पहचान कर उन्हें इस योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से बाल तस्करी, बाल श्रम और पलायन जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा।
समिति के कार्यों को और प्रभावी बनाने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अनुमोदन समिति के सुचारू संचालन के लिए जिले के उप विकास आयुक्त एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को समिति में शामिल करने का निर्देश दिया।
बैठक में शामिल अधिकारी एवं सदस्य
इस बैठक में उप विकास आयुक्त श्री संदीप कुमार मीणा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती पुनीता तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, सृजन महिला विकास मंच के सचिव एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।