चाईबासा के रेस्टोरेंट्स और रिटेलर्स पर छापा, गंदगी और मिलावट पर जुर्माना
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त के निर्देशानुसार आगामी होली पर्व एवं रमज़ान को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री अभिषेक आनंद के नेतृत्व में चाईबासा स्थित विभिन्न रेस्टोरेंट और रिटेल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया।
गंदगी और मिलावट पर कार्रवाई
कांटा चम्मच रेस्टोरेंट (मधु बाजार) – फ्रीज में गंदगी और मिलावटी पनीर पाए जाने पर ₹10,000 का जुर्माना और 4 किलो मिलावटी पनीर नष्ट।
बियोंड टेम्पटेशन (सदर बाजार) – गंदगी और एक्सपायर्ड सामग्री मिलने पर ₹10,000 का जुर्माना।
डीके कॉफी बार एंड रेस्टोरेंट – रसोई में गंदगी, एक्सपायर्ड सामग्री और 5 किलो मिलावटी पनीर मिलने पर ₹25,000 का जुर्माना और मिलावटी पनीर नष्ट।
फूड लाइसेंस न होने पर चेतावनी
न्यू जम जम होटल (बड़ी बाजार) – फूड लाइसेंस वैध, लेकिन प्रतिष्ठान में प्रदर्शित नहीं करने पर चेतावनी और एक दिन के अंदर लाइसेंस प्रदर्शित करने का निर्देश।
फरहत ट्रेडिंग – फूड लाइसेंस वैध, लेकिन प्रदर्शित नहीं था, एक दिन में लाइसेंस प्रदर्शित करने का निर्देश।
खाद्य सामग्री के नमूने संग्रहित
चौधरी स्टोर – हल्दी और गुड़ के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए।
द बर्गर कंपनी, एपी आवर्स, MB रिटेल स्टोर, LM ट्रेडर्स, पंकज ट्रेडर्स – हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और जीरा के नमूने जांच के लिए संग्रहित।
खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त निर्देश
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने सभी खाद्य एवं पेय पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों को निर्देश दिया कि:
साफ-सफाई बनाए रखें, खाना बनाते समय एप्रोन और ग्लव्स का प्रयोग करें।
उपयोग में लाए जा रहे आटा, मैदा, तेल, पनीर, खोआ, मसाले आदि की एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
अखाद्य या केसरिया रंग का प्रयोग न करें, अधिक मात्रा में फूड कलर का उपयोग न करें।
फूड स्टॉल में खाद्य सामग्री को ढक कर रखें।
मिलावट और गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
शहर के खाद्य कारोबारियों और ठेला-खोमचा संचालकों को चेतावनी दी गई है कि यदि:
फूड लाइसेंस प्रतिष्ठान में प्रदर्शित नहीं पाया गया।
मिलावटी खाद्य सामग्री बेची गई।
प्रतिबंधित निकोटीन युक्त पान मसाला–गुटखा बिक्री की गई।
तो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत अर्थदंड और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।