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पान तांती समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए शिक्षा और एकजुटता जरूरी: देवकी कुमारी

 

गुवा में पान तांती कल्याण समिति का मिलन समारोह, समाज के अधिकारों के लिए उठी एकजुट संघर्ष की आवाज

गुवा संवाददाता।
रविवार को सेल के गुवा क्लब में पान तांती कल्याण समिति द्वारा आयोजित मिलन समारोह में समाज के उत्थान और अधिकारों को लेकर एकजुटता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नोवामुंडी भाग एक की जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी ने कहा कि जब तक समाज शिक्षित और संगठित नहीं होगा, तब तक अनुसूचित जाति का दर्जा मिलना कठिन है। उन्होंने कहा कि पान तांती समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं, लेकिन अधिकारों से अब भी वंचित हैं।

“नशामुक्ति और शिक्षा ही समाज की असली ताकत”

देवकी कुमारी ने जोर देकर कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले नशा मुक्ति की दिशा में काम करना होगा। नशा समाज को खोखला कर रहा है और जब तक इस बुराई से मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक समाज तरक्की नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा हो सकता है।

राज्य सरकार की उदासीनता पर प्रदेश महासचिव ने जताई नाराजगी

समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल पान तांती समाज के प्रदेश महासचिव विजय दास ने कहा कि सामाजिक एकता, संस्कृति और विकास के लिए पान तांती समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीरता न बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि “हमारे समाज के लोग वर्षों से सिंहभूम क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, और जाति स्तंभ में ‘पान’ के पर्यायवाची रूप में ‘तांती’ दर्ज है, इसके बावजूद अब तक अनुसूचित जाति में शामिल नहीं किया गया।”

पदयात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत गुवा स्थित राम मंदिर से पदयात्रा के साथ हुई, जो बिरसा मुंडा चौक पहुंचकर समाप्त हुई। वहां बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद स्व. मुकुंद राम तांती की तस्वीर पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

लड़कियों ने रंगारंग प्रस्तुति दी, नाटक के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

समारोह में पान तांती समाज की लड़कियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया। वहीं, समाज में शिक्षा के अभाव के कारण बच्चों द्वारा माता-पिता पर हो रहे अत्याचार को एक नाटक मंचन के ज़रिए दिखाया गया, जो दर्शकों के बीच सोचने को मजबूर कर गया।

सम्मान और सहभागिता से कार्यक्रम बना यादगार

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को शॉल और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन नरेस दास ने किया। इस अवसर पर नोवामुंडी की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, प्रदेश महासचिव विजय दास, पूर्वी सिंहभूम के जिला अध्यक्ष निर्मल भक्ति, पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष स्माइल सिंह दास, शंकर पान, शैलेंद्र पान, तापस दास, सावित्री नाग, रविचंद्र पान, विश्वजीत तांती, दीप कुमार पान, विनय कुमार दास, मित्रों दास सहित बड़ी संख्या में पान तांती समाज के लोग मौजूद थे।

एकजुटता ही सफलता की कुंजी: सामूहिक स्वर

समारोह में वक्ताओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पान तांती समाज को उसके हक दिलाने के लिए अब संगठित और शिक्षित संघर्ष का रास्ता ही विकल्प है। राज्य सरकार को भी चेताया गया कि यदि समाज की मांगों की अनदेखी हुई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा।

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